कल फिर न सो सका तेरी याद में,
आज फिर न जाग सका तेरी याद से,
इन अश्को ने याद किया हर पल,
एक पल भी न रुके तेरी याद में,
जागना चाहा एक पल तेरी याद से ,
सो गया अगले ही पल तेरी याद में,
छोड़ दिया है साथ अब पलकों ने,
बंद होंगी अब ये सिर्फ़ मेरी मौत पे,
सोया नही हूँ बरसो से एक पल भी मैं,
जागूँगा बरसो अब तो तेरी याद में,
July 1, 2008
कल फिर न सो सका तेरी याद में…
June 27, 2008
दिल ने कहा उसे सब कह दे…
दिल ने कहा उसे सब कह दे,
गम-ऐ-दिल यार को कह दे,
राज़-ऐ-दिल न यार से छुपा,
दावा न सही यार दुआ तो देगा,
गम सारे लेके मुस्कुराहटे देगा,
June 24, 2008
सुनी सुनी गलिया सुना सुना आकाश…
सुनी सुनी गलिया सुना सुना आकाश,
चाँद तारे सबको भेजा यार के पास,
चाँद तारो की छाव में प्यारी नींद आए,
हो हर सपना पुरा यार का मेरे,
दुआ दिल से मेरे बस येही आए,
June 22, 2008
ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न…
ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न, छीने मेरा चैन-ओ-सुकून,
देख के नज़रे झुकाना, कयामत ढाए हम पे ज़माना,
ये तेरी मस्त हँसी, जैसे कोई कली खिली,
ये कातिल निगाहें, छीन के दिल ले जाए,
देख के नज़रे चुराना, जैसे दिल मेरा जलाना,
देख के हमको छुप जाना, जैसे चांदनी में अमावास आना,
June 21, 2008
खो गया चाँद मेरा कही…
खो गया चाँद मेरा कही,
ढूँढ कर लाये उसे मेरे पास कोई,
वो बहुत शर्मीला है मगर,
मेरे यार जितना शर्मीला नही,
वो बहुत खुबसूरत है मगर,
मेरे यार के आगे कुछ भी नही,
वो देता सुकून दिल को मगर,
मेरे यार बिन मुझे सुकून नही,
वो करता रोशन जग को मगर,
मेरे यार बिन दिल रोशन नही,
June 20, 2008
जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी…
जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी,
उनकी खातिर जान कुर्बान कर दी,
मरने का हमे कोई गम नही,
खुशी है दोस्तों को कोई गम नही,
दोस्तों की खुशी में खुश रहे हम,
दर्द अपना न किसी को दे सके हम,
दोस्तों की हँसी में हंस दिए हम,
गम अपने भूल बस हंस दिए हम,
दोस्तों के बुलावे पे दौडे चल दिए हम,
छोड़ अपनों को यूँही बस चल दिए हम,
June 17, 2008
जुदाई की घड़ी आई…
जुदाई की घड़ी आई,
नजरो से नज़रे टकराई,
आँखो से वो ओझल हुई,
वो मेरी नजरो से ओझल हुई,
रेगिस्तान मे वर्षा आई,
मेरी आँखे इस कदर भर आई,
दिल के फूल मुरझाये,
जब उसकी आँखें भर आई,
June 9, 2008
हँसते है ज़माने मैं और भी कई…
हँसते है ज़माने मैं और भी कई,
दिल से हँसते पहली बार देखा है,
आज मैंने उनको हँसते हुए देखा है,
उनकी हँसी दिल को छू जाती है,
चुपके चुपके कुछ कह जाती है,
कसम है उदास न होना तुम कभी,
ये खूबसूरत हँसी न खोना कभी,
तेरी हँसी से है गुलशन खिले,
आता है सावन है फूल खिले,
June 6, 2008
सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई…
सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई,
तन बदन मे मेरे जैसे आग लग आई,
उसने ली कुछ इस तरह से अंगडाई,
फूलों से उड़ एक तितली मेरे करीब आई,
आँखें खुली नजरो से नज़रे टकराई,
थोड़ा वो शरमाई फिर मुस्कुराई,
दिल मे मेरे सैकडो छुरिया चलायी,
तड़पते रहे कमबख्त मौत भी न आई,
ठंडी हवा का एक झोका गुजरा…
ठंडी हवा का एक झोका गुजरा,
जैसे मेरा यार मुस्कुराता हुआ गुजरा,
दिल मे मेरे एक उदासी सी छाई,
तकदीर मुझे उनसे कही दूर ले आई,
ज़िंदगी से भी ज्यादा वो करीब मेरे,
पास हो के भी चाँद जैसे दूर मेरे,
जाग रहा हूँ सदियों से मैं ऐसे,
सो रहे है मस्ती से वो जैसे,
पलके अब मेरी इस कदर भर आई,
बरखा बाहर जैसे उनके लिए ही आई,
