आज काली रात है तो क्या, कल चाँदनी रात होगी,
आज तपती धुप है तो क्या, कल मौसम-ऐ-बहार होगी,
आज खाली हाथ है तो क्या, कल खुशिया हज़ार होगी,
आज मन उदास है तो क्या, कल लबो पे मुस्कराहट होगी,
आज उठती नजरे है तो क्या, कल पलके बिछी होगी,
आज जमी पे है तो क्या, कल उड़ान हमारी होगी,
आज हम पीछे है तो क्या, कल दुनिया पीछे होगी,
आज हम हारे है तो क्या, कल जीत हमारी होगी,
आज पहचान नही है तो क्या, कल पहचान हमसे होगी,
May 23, 2008
आज काली रात है तो क्या…
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