ठंडी हवा का एक झोका गुजरा,
जैसे मेरा यार मुस्कुराता हुआ गुजरा,
दिल मे मेरे एक उदासी सी छाई,
तकदीर मुझे उनसे कही दूर ले आई,
ज़िंदगी से भी ज्यादा वो करीब मेरे,
पास हो के भी चाँद जैसे दूर मेरे,
जाग रहा हूँ सदियों से मैं ऐसे,
सो रहे है मस्ती से वो जैसे,
पलके अब मेरी इस कदर भर आई,
बरखा बाहर जैसे उनके लिए ही आई,
